बिहार के 5 जिलों में बाढ़ का खतरा, 32 जिलों में बारिश का अलर्ट

Prashant Kumar
By Prashant Kumar - Content Editor
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बिहार में लगातार मौसम में बदलाव नजर आ रहा है। कभी लगातार हो रही बारिश, तो कभी धीमी-धीमी बारिश के बाद धूप निकल जा रहा है। इस कारण लोगों को अभी तक पूरी तरह से उमस से राहत नहीं मिली है। वहीं, बिहार में लगातार बारिश की वजह से हालात बिगड़ने लगे हैं। बगहा के रामनगर में धान की रोपनी करने गए 3 किसान बाढ़ के पानी में फंस गए हैं।

बताया जाता है कि शनिवार को अचानक पहाड़ी नदी मसान नदी में आई बाढ़ में तीनों किसान फंस गए। एनडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है। वहीं रक्सौल में सिकरहना नदी का पानी सुगौली के चिलझपटी गांव सहित अन्य गांव में घुस गया है। वहीं उत्तराखंड और नेपाल में भारी बारिश होने से गंगा, गंडक और कोसी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नेपाल के देवघाट बैराज से 5.6 लाख क्यूसेक पानी शनिवार की देर रात छोड़ा गया। इससे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सीवान में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

इसके साथ ही सुपौल के कोसी बैराज से 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह इस साल अब तक का सबसे ज्यादा डिस्चार्ज है। इसकी वजह से पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर रहनेवाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। वहीं रविवार को प्रदेश के 32 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के क्षेत्र पर चक्रवर्ती परिसंचरण बना हुआ है। इससे प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे तक बारिश और तेज हवा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

वहीं, शनिवार को पटना, आरा, मधुबनी, बेगूसराय और बेतिया में तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से बेगूसराय के स्कूल में पानी भर गया है। इसके साथ ही समस्तीपुर में सड़कें झील में तब्दील हो गई हैं। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान पटना में रुक रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। अधिकतम तापमान 32 से 35 और न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

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