छठ के लिए सरकार का खुला खजाना, खर्च होगी मोटी रकम

HD News Desk
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बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री माननीय नितिन नवीन जी द्वारा छठ घाटों को लेकर चल रही तैयारियों की जानकारी ली गयी। वहीं, उन्होंने छठ व्रतियों को पूजा के दौरान कोई असुविधा ना हो इसके लिए प्रदेश भर के नगर निकायों को विभाग की ओर से 25 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति दी। इस राशि की मदद से सभी घाटों पर बेरिकेडिंग, शौचालय, चेंजिंग रूम, स्ट्रीट लाइट, वॉच टॉवर, समेत अन्य आवश्यक कार्य करने का निर्देश माननीय मंत्री जी के द्वारा दिया गया है ।

इसी संबंध में उन्होंने कहा कि छठ हम बिहारियों के लिए हमारा स्वाभिमान हैं। इसलिए इस साल हमने छठ पूजा के दौरान व्रतियों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा ना हो इस बात को ध्यान में रखते हुए 25 करोड़ की राशि कि स्वीकृति दी है। वहीं, उन्होंने बताया कि इस वर्ष छठ पूजा को लेकर पटना समेत सभी नगर निकाय को राशि अवंटित की गयी है, जिसमें पटना नगर निगम को 12 करोड़ और अन्य 18 नगर निगम को कुल 1 करोड़ 80 लाख की राशि की स्वीकृति दी गयी है। इसके अलावा प्रत्येक नगर परिषद को 4 लाख, प्रत्येक नगर पंचायत को 3 लाख की राशि दी गयी है। वहीं, औरंगाबाद के देव नगर पंचायत को छठ पूजा के लिए 10 लाख की राशि स्वीकृत की गयी है। इसके साथ ही पटना डीएम को विधि व्यवस्था और जन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 3 करोड़ की राशि अवंटित की गयी है। दिवाली  के उपरान्त नदी तथा तालाब के आस-पास घरों से निकलने वाली मूर्ति एवं पूजन सामग्री के विसर्जन की खास व्यवस्था (विसर्जन के लिए एक अलग स्थान का निर्धारण) करने का निर्देश दिया गया है। ताकि नदी तथा तालाब में गंदगी फैलने से रोका जा सके।

इधर, विभाग के सचिव अभय सिंह जी ने छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बताया कि इस वर्ष भी सभी नगर निकायों को Water body की सफाई करवाने के लिए और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने का निर्देश दिया गया है। सभी अधिकारियों और पदाधिकारियों को शख्त निर्देश दिया गया है कि पूजा में सम्मिलित होने वाले व्रतियों एवं नागरिकों को कोई परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएं। इसके अतिरिक्त छठ पर्व को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए अस्थायी वैकल्पिक घाट का निर्माण किया जाय एवं समूचित व्यवस्था की जाएं। गंगा टाउन वाले नगर निकायों को इस कार्य पर विशेष रूप से ध्यान देने को कहा गया है।

वहीं, उन्होंने कहा कि दीपावली के समय सभी घरों एवं प्रतिष्ठानों की साफ सफाई करने की परंपरा है। इसी क्रम में सभी निकाय को “नेकी की दीवार’ कार्यक्रम का आयोजन करने को कहा गया है और उसे व्यापक रूप से प्रचारित करने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं, उन्होंने बताया कि इसके लिए घरों एवं प्रतिष्ठानों से अपशिष्ट (यथा पुराने कपड़े, किताबें, जूता-चप्पल, खिलौने आदि) को प्रतिदिन अलग से संग्रहण करने और संग्रहित अनुपयोगी वस्तुओं को रखने हेतु कम से कम दो सेन्टर बनाने (पूरे वर्ष कार्यरत रहे) के लिए निकाय के किसी जिम्मेदार व्यक्ति को Execution एवं Monitoring का काम देने का निर्देश दिया गया है। उक्त व्यक्ति को Incharge बनाने एवं संग्रहित वस्तुओं को जरूरत मंदों के बीच वितरित करना का मुख्य कार्य दिया जाएगा। साथ ही इससे संबंधित फोटोग्राफ एवं वीडियोग्राफ प्रतिदिन विभाग को प्रेषित किया जाएगा।

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