बोकारो स्टील प्लांट की स्थानीय बहसों पर समन्वय बैठक, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

HD News Desk
702 Views
4 Min Read

रांची | झारखंड की औद्योगिक राजधानी बोकारो स्टील सिटी से जुड़े विविध मसलों के समाधान के लिए राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने सोमवार को सेल (सेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के चेयरमैन श्री अमरेंद्र प्रकाश और अलग-अलग विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान कहा कि बोकारो स्टील प्लांट की नीतियां और विकासात्मक योजनाएं स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, पारदर्शी संवाद और समन्वय के साथ लागू हों। उन्होंने कहा कि सरकार और सेल दोनों को यह सुनिश्चित करना है कि बोकारो के निवासियों को किसी भी स्तर पर उपेक्षित महसूस न हो।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का सुझाव

मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने बोकारो की स्थानीय आबादी को प्रशिक्षण देने के साथ ही उन्हें उनकी योग्यतानुसार रोजगार के अवसर मुहैया कराने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेल जिन युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित करता है, उन्हें उपयुक्त अवसर उपलब्ध कराना संस्था की जिम्मेदारी है। साथ ही, स्थानीय समस्याओं का हल प्राथमिकता के आधार पर, समन्वित और मानवीय दृष्टिकोण से किया जाए।

विस्थापितों और पुनर्गठन को लेकर फोकस

बैठक में बोकारो स्टील प्लांट की वजह से विस्थापित हुए लोगों के मुद्दों और पुनर्वास से वंचित रह गए 20 गांवों के पुनर्गठन की चर्चा प्रमुखता से हुई। चास ब्लॉक के 9 पंचायतों के पुनर्गठन का प्रस्ताव सामने आया, ताकि उन निवासियों को मूलभूत अधिकार दिए जा सकें। उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा है, लेकिन सेल की तरफ से सहमति की कमी रही। चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश ने आश्वासन दिया कि अधिकृत भूमि के जिस हिस्से पर विस्तार की योजना नहीं है, वहां प्रशासन चाहें तो सरकारी मकान बना सकता है, और मुख्य सचिव ने बोकारो डीसी को इस दिशा में कार्यवाही के निर्देश दिए।

अप्रयुक्त वन भूमि लौटाने और सीमांकन का मुद्दा

बैठक में बोकारो स्टील सिटी द्वारा उपयोग न की जा रही 756.94 एकड़ वन भूमि की वापसी का मसला भी उठा। सेल ने सैद्धांतिक सहमति दी है, पर क्रियान्वयन शेष है। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सेल और वन विभाग मिलकर पहले उस भूमि का सही सीमांकन और नक्शा तैयार करें। वन विभाग के सचिव ने प्रस्ताव रखा कि सीमांकन के बाद पिलरिंग का खर्च सेल वहन करेगा, जिसे चेयरमैन ने तुरंत मान लिया।

औद्योगिक गलियारा, पर्यावरण और पर्यटन विकास पर लक्ष्‍य

बैठक में अमृतसर–कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए राजस्व विभाग से समन्वय, गरगा डैम के पुनर्निर्माण और खाली जमीन के पर्यटन विकास का भी निर्देश दिया गया। इससे ना सिर्फ पर्यावरण सरंक्षण बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बोकारो को टॉप टेन सिटी में लाने का लक्ष्य

सेल देश के 13 शहरों में मौजूद है, जिसमें बोकारो को टॉप टेन और टॉप वन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। चेयरमैन ने भरोसा दिया कि फंड की कोई कमी नहीं होगी। 20 हजार करोड़ के विस्तार प्रोजेक्ट का नक्शा भी बैठक में पेश किया गया। यह भी बताया गया कि बोकारो में 1932 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण की समस्या है, लेकिन इसे दूर करने की पूरी कोशिश चल रही है। साथ ही, हर सेल जॉब से सात बाहरी लोगों को भी रोजगार मिलेगा—इससे आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

Share This Article