दिल्ली कोचिंग हादसे के बाद नीतीश सरकार हुई एक्टिव, जानें क्या किया खास..

Prashant Kumar
By Prashant Kumar - Content Editor
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Delhi Coaching Flooded Case: दिल्ली के कोचिंग सेंटर में हुई तीन छात्रों की मौत के बाद पटना प्रशासन ने अलर्ट होकर 20 हजार कोचिंग सेंटरों की जांच करने का आदेश दिया है। डीएम चंद्रशेखर सिंह ने जांच के लिए 6 टीमें बनाई हैं, जो रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा मानकों, बिल्डिंग बायलॉज व फायर सेफ्टी की जांच करेंगी। दिल्ली हादसे में तीन छात्रों की मौत हुई थी। डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में जांच के लिए छह टीमें गठित की गई हैं। जांच टीम के सदस्य अग्निशमन अधिकारी, बीईओ, सीओ और क्षेत्र के थानाध्यक्ष होंगे। आदेश के अनुसार, टीम कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन, प्रवेश, निकास की व्यवस्था, सुरक्षा मानकों, बिल्डिंग बायलॉज, फायर सेफ्टी, इमरजेंसी हालात से निपटने की व्यवस्था की जांच करेगी। व्यवस्था ठीक नहीं होने पर जिला प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगी।

दरअसल 27 जुलाई को दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके स्थित राव कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था, जिसमें डूबने से यूपीएससी की तैयारी करने वाले तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इन छात्रों की पहचान तान्या सोनी, श्रेया यादव और नवीन डेल्विन के रूप में हुई। तान्या बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली थी, जो दिल्ली अपने आईएएस बनने के सपने को पूरा करने के लिए गई थीं।

दिल्ली कोचिंग हादसे में राजेंद्र नगर थाने में केस दर्ज किया गया था, जिस पर पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राव आईएएस कोचिंग के मालिक और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। पुलिस ने दोनों को 14-14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं सोमवार को एमसीडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोचिंग सेंटर के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर अश्वनी कुमार ने स्थानीय असिस्टेंट इंजीनियर विश्राम मीणा को निलंबित कर दिया है, जबकि जूनियर इंजीनियर विष्णु मित्तल को बर्खास्त किया गया है। हादसे के बाद अब तक सात लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है।

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