जहानाबाद में मंत्री अशोक चौधरी पर फिर भड़के प्रशांत किशोर, कहा- संपत्ति का आंकड़ा गलत तो मुझ पर मानहानि का केस करें, जेल भिजवा दें

HD News Desk
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जहानाबाद  जन सुराज पार्टी के नेतृत्व में बिहार बदलाव यात्रा के तहत गांधी मैदान में एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर ने जनता से संवाद किया और बिहार की मौजूदा राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति पर बेबाक टिप्पणी की।

प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में बिहार में रोजगार और पलायन की गंभीर समस्या को उठाते हुए कहा कि,

आज बिहार से लाखों लोग महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं, लेकिन इस पर न तो सरकार बात करती है, न ही विपक्ष। सभी राजनीतिक दल जनता को गुमराह कर रहे हैं।

अशोक चौधरी पर बड़ा हमला

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि,

जो जमीन अशोक चौधरी ने खरीदी है, उसका ब्यौरा सार्वजनिक किया गया है। अब जवाब देना उनका काम है। अगर मैं झूठ बोल रहा हूं तो मुझ पर मानहानि का मुकदमा करें और जेल भेजें। लेकिन मैं जो कह रहा हूं, वो पूरी तरह से सच है।

भाजपा और राजद पर ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप

प्रशांत किशोर ने भाजपा और राजद पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा,

एक तरफ तेजस्वी यादव की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली दी जाती है, और दूसरी तरफ राबड़ी देवी भाजपा नेता दिलीप जायसवाल को ‘भाई’ बताती हैं। यह जनता को उलझन में डालकर सत्ता में बने रहने की चाल है।

उन्होंने राहुल गांधी की यात्रा और भाजपा की सभाओं का जिक्र करते हुए कहा कि,

राहुल गांधी की सभा में पीएम की मां को गाली दी जाती है और जब मोदी जी की सभा होती है तो वे राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हैं। दोनों तरफ से यह पूरी ‘मैच फिक्सिंग’ चल रही है। लेकिन बिहार की असली समस्याएं — रोजगार, शिक्षा, और पलायन — पर कोई बात नहीं कर रहा है।”

जनता से दो बड़े वादे

प्रशांत किशोर ने सभा में जनता से दो बड़े वादे किए

  1. दिसंबर 2025 से 60 साल से अधिक उम्र के सभी पुरुष और महिलाओं को ₹2000 मासिक पेंशन दी जाएगी।

  2. जब तक सरकारी स्कूलों में सुधार नहीं होता, तब तक 15 साल से कम उम्र के बच्चों की प्राइवेट स्कूल की फीस सरकार भरेगी, ताकि गरीबों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त कर सकें।

प्रशांत किशोर की यह रैली न केवल राजनीतिक हमलों से भरपूर रही, बल्कि आम जनता को सीधे जोड़ने और ठोस वादों के साथ विकल्प देने की कोशिश भी दिखाई दी। अब देखना यह होगा कि बिहार की जनता इस ‘बदलाव यात्रा’ को कितना समर्थन देती है

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