बिहार में पुल पर फंसी ट्रेन, लोको पायलेट-सहायक ने रेंगते हुए ठीक किया इंजन

Prashant Kumar
By Prashant Kumar - Content Editor
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बिहार के बगहा में पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट और को-लोको पायलट ने अपनी जान का रिस्क लेकर बीच पुल खड़ी ट्रेन की मरम्मत की। इस दौरान लोको पायलट ट्रेन और ट्रैक के बीच रेंगते हुए फॉल्ट वाली जगह तक पहुंचे। वहीं साथी ने पुल से लटक कर तार खींचा, जिससे ट्रेन फिर से स्टार्ट हो सकी। इस पूरे घटना का वीडियो भी सामने आया है।

दरअसल, गोरखपुर से नरकटियागंज तक जाने वाली 05497 सवारी गाड़ी के इंजन में एयर लीकेज हो जाने के कारण ट्रेन वाल्मीकिनगर और पनियहवा के बीच पुल पर रुक गई। जैसे ही ट्रेन वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन से खुली UL वॉल्व से लीकेज होने लगा और गाड़ी KM–298/20 पुल संख्या 382 पर खड़ी हो गई।

बीच पुल ट्रेन रुक जाने से पैसेंजर्स में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। UL वॉल्व पुल के बीचों-बीच लीक हुआ था। ऐसे में लीकेज को बंद करना एक चुनौती थी। इस इमरजेंसी वाली स्थिति में ट्रेन के लोको पायलट अजय यादव और सहायक लोको पायलट रंजीत कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना पुल पर होते हुए ट्रेन के नीचे पहुंचे। वॉल्व को ठीक किया। इसके बाद ट्रेन सुरक्षित आगे के लिए बढ़ सकी।

मामला गुरुवार का है। इस पूरे घटना का वीडियो रेलवे ने शुक्रवार को जारी किया है। करीब 5 मिनट के वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक लोको पायलट रेलवे ब्रिज के पतली सी रेलिंग के सहारे धीरे-धीरे फॉल्ट वाली जगह तक पहुंचता है। वहीं दूसरा ट्रेन और ट्रैक के बीच की संकरी जगह में रेंगते हुए वॉल्व तक आता है। दोनों काफी मशक्कत से वॉल्व को दुरुस्त कर लीकेज को बंद करते हैं।

दोनों लोको पायलट्स की इस बहादुरी की सराहना हो रही है। यात्री और रेलवे स्टाफ सभी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने दोनों पायलटों को धन्यवाद ज्ञापन भी किया है। जब इंजन में एयर लीकेज की समस्या आई और ट्रेन रुक गई, तो यात्रियों में हड़कंप मच गया। लेकिन लोको पायलट अजय यादव और रंजीत कुमार ने अपनी साहस दिखाते हुए तुरंत समस्या का समाधान खोजा। अपनी जान की परवाह किए बिना, उन्होंने इंजन को ठीक करने का कार्य किया।

इस साहस के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा दोनों को पुरस्कृत किया जाएगा। डीआर एम विनय श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार को ट्रेन का वॉल्व खराब हो गया था, जिसमें लोको पायलट और सहायक ने ट्रेन के नीचे उतर कर ठीक किया। जिसके लिए रेलवे उन्हें 10 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित करेगा। उन्होंने बताया कि डबलिंग कार्य को लेकर उस पुल को भी बदला जाएगा।

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